Description
Liver Mitra Powder – Ayurvedic Liver Care & Fatty Liver Support Formula
प्रकृति की शक्तिशाली जड़ी-बूटियों से तैयार यह हर्बल पाउडर लीवर, पाचन तंत्र और शरीर की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को सपोर्ट करने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें आयुर्वेद में वर्णित कई पारंपरिक जड़ी-बूटियों का संतुलित मिश्रण शामिल है, जो शरीर को अंदर से सपोर्ट देने में सहायक मानी जाती हैं।
इसमें शामिल मुख्य जड़ी-बूटियाँ एवं उनके गुण
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पुनर्नवा: शरीर से अतिरिक्त जल और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक। यह लीवर और किडनी के प्राकृतिक कार्य को सपोर्ट करने वाली प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है।
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भूई आंवला: पारंपरिक रूप से लीवर हेल्थ को सपोर्ट करने के लिए उपयोगी। यह शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया में सहायक माना जाता है।
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कालमेघ: आयुर्वेद में “कड़वा अमृत” के नाम से प्रसिद्ध। यह पाचन, भूख और लीवर के सामान्य कार्य को सपोर्ट करने में उपयोगी है।
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भृंगराज: शरीर को पोषण देने वाली और लीवर को सपोर्ट करने वाली जड़ी-बूटी। यह समग्र स्वास्थ्य और ऊर्जा बनाए रखने में सहायक हो सकती है।
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कुटकी: आयुर्वेद में लीवर सपोर्ट के लिए प्रसिद्ध। यह पाचन तंत्र और शरीर की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को सपोर्ट करने में सहायक मानी जाती है।
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आंवला: प्राकृतिक विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन स्वास्थ्य को सपोर्ट करता है।
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सिंहपर्णी (Dandelion Root): शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया और पाचन को सपोर्ट करने के लिए जाना जाता है।
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त्रिफला: तीन फलों का पारंपरिक आयुर्वेदिक मिश्रण, जिसे पाचन और शरीर की सफाई प्रक्रिया को सपोर्ट करने के लिए उपयोग किया जाता है।
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सरपुंखा: आयुर्वेद में लीवर और पाचन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी जड़ी-बूटी, जो शरीर को संतुलित रखने में सहायक हो सकती है।
उपयोग करने का तरीका
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मात्रा: 1 से 2 चम्मच पाउडर को गुनगुने पानी, शहद या अपनी पसंद के पेय के साथ लें।
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आवृत्ति: दिन में 1–2 बार। (नोट: उपयोग की मात्रा व्यक्ति की आवश्यकता अनुसार अलग हो सकती है।)
विशेषताएँ
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100% हर्बल मिश्रण
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बिना किसी कृत्रिम रंग या फ्लेवर के
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पारंपरिक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का संयोजन
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दैनिक वेलनेस और लीवर सपोर्ट हेतु तैयार
सेवन करने की विधि
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सीधा सेवन: 3–5 ग्राम हर्बल पाउडर को दिन में दो बार, भोजन के बाद गुनगुने पानी के साथ लें।
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काढ़ा बनाकर: 5 ग्राम पाउडर को लगभग 100–150 ml पानी में उबालें। जब पानी उबलकर आधा रह जाए, तो उसे छान लें और हल्का गुनगुना होने पर सेवन करें।
नोट: नियमित उपयोग के साथ यह पारंपरिक हर्बल मिश्रण लीवर, पाचन और शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया को सपोर्ट करने में सहायक माना जाता है।
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महत्वपूर्ण सूचना: > यह उत्पाद किसी रोग के निदान, उपचार या रोकथाम के लिए नहीं है। यदि आप गर्भवती हैं, स्तनपान करा रही हैं, या किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या/दवा का सेवन कर रहे हैं, तो उपयोग से पहले योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।














Sagar Lahari –
sir m sagar lahari bihar purnia se hu mujhe 6 mahine se kuch bhi khate hi jalan ho jati thi chati me pahle din hi khatam ho gayi permanent thik hone ke liye kitne din istemal karna padega
Jitendra giri –
result acha h sir test ka bhi kuch kijiye kya isme chini mila kar le sakte h ?